देहरादून : देहरादून के घंटाघर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर सबसे व्यस्ततम कहलाए जाने वाले रिस्पना पुल के डिवाइडरों के आसपास खाली पड़ी जमीन पर सामाजिक संस्था पहाड़ उत्थान समिति के कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण करके नजीर पेश की है। हालांकि पुल के आसपास खाली भूमि पर पौधे लगाने का ख्याल एमडीडीए या लोनिवि को भी नहीं आया। जिसके बाद पहाड़ उत्थान समिति के कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कदम उठाते हुए रिस्पना पुल पर पौधारोपण करके पर्यावरण को बचाने का संदेश आमजनों को दिया है। पहाड़ उत्थान समिति की अध्यक्ष सोनिया आनंद का कहना है कि बाल्यकाल से ही उन्हें पर्यावरण को बचाने की प्रेरणा मिलती आई है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए हर घर की पक्की जमीन और यहां तक कि सड़कों के दोनों तरफ पौधारोपण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय देहरादून वासियों के लिए पर्यावरणीय दृष्टिकोण को देखते हुए और भी चुनौती पूर्ण होने जा रहा है। सोनिया आनंद का कहना है कि आज जितनी भी प्राकृतिक आपदाएं उत्तराखंड झेल रहा है, उसके गंभीर परिणाम आने वाले समय में राज्य की जनता को निश्चित तौर पर भुगतने पड़ेंगे। इसलिए जहां पर भी पेड़ लगाने की जरूरत पड़ती है, वहां पर जरूर पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि रिस्पना पुल देहरादून का एंट्री पॉइंट कहलाया जाता है,इसी मार्ग से मंत्रियों और अधिकारियों के वाहन अक्सर गुजरते रहते हैं, लेकिन मंत्रियों और अधिकारियों की यह सोच कभी नहीं रही कि इस पुल के आसपास बची खाली भूमि पर क्यों ना पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया जाए, उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
पहाड़ उत्थान समिति के कार्यकर्ताओं ने रिस्पना पुल के आसपास पैरापेट पर प्लांटेशन करके पर्यावरण को बचाने का लिया संकल्प

