देहरादून : चंडीगढ़ के रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान की ओर से शनिवार को एवलांच वार्निंग बुलेटिन जारी किया है, जिसमें उत्तराखंड राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
जिसकी संभावनाओं को देखते हुए ने प्रतिष्ठान ने सतर्कता बरतने को कहा है। यह चेतावनी 24 जनवरी शाम 5 बजे से 25 जनवरी शाम 5 बजे तक के लिए प्रभावी रहेगी।
चंडीगढ़ के रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान की तरफ से जारी बुलेटिन के अनुसार उत्तरकाशी जिले में 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा स्तर–2 (येलो) दर्शाया गया है।
वहीं चमोली जिले में 3000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में खतरा स्तर–3 (ऑरेंज) एलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपदों में 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर हिमस्खलन का खतरा स्तर–2 (येलो) बताया गया है।
इन क्षेत्रों में बर्फ की स्थिति आंशिक रूप से अस्थिर है, कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। विशेष रूप से चमोली जिले के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम आकार के हिमस्खलन संभावित हैं।
इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों को अलर्ट पर रखा है
जबकि जिला प्रशासन को बताया गया है कि ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाये।
पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाये और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं राहत-बचाव दलों को तैयार रखा जाए।
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों, ट्रेकर्स, चरवाहों एवं स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वो हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी परामर्शों का पालन करें तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।
राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है ,डीजीआरई , मौसम विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

