देहरादून: उत्तराखंड पंचायत चुनाव के बीच लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी गुरुवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के मंच पर नजर आए। हालांकि कार्यक्रम पुस्तक विमोचन का था। लेकिन मंच पर बातें जरूर राजनीतिक हुई. इस दौरान नरेंद्र सिंह नेगी ने दल की कमियों को भी मंच से गिनाया ।दरअसल, गुरुवार को देहरादून प्रेस क्लब में यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के फील्ड मार्शल कहे जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट पर जगमोहन सिंह बिष्ट की ओर से लिखी गई पुस्तक उत्तराखंड राज्य आंदोलन का विमोचन हुआ. इस पुस्तक का लोकार्पण लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने किया।कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक गाने के माध्यम से उत्तराखंड की जनता से आह्वान किया कि जो हालात देवभूमि उत्तराखंड के इस समय हो गए हैं, उससे उबरने के लिए जनता और क्षेत्रीय ताकत को एकजुट होकर आगे आना होगा।वहीं मंच से अपना संबोधन देते हुए नरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं को आइना भी दिखाया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन हुए 25 साल हो गए हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस उत्साह के साथ यूकेडी ने लोगों का जनविश्वास जीता था, उसके बाद भी यूकेडी सत्ता से दूर है। नेगी दा ने कहा कि उन्होंने हर बार यूकेडी के नेताओं से इस विषय पर अक्सर चर्चा की है। नेगी का मानना है कि आज अपने बड़े नेताओं की गलती की वजह से उत्तराखंड क्रांति दल लोगों के दिलों से दूर होता चला गया. क्योंकि यूकेडी के जिन नेताओं पर जनता से अपार विश्वास जताया था, उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और विपक्ष में बैठकर संघर्ष करने के बजाए सत्ता के सुख की तरफ बढ़ गए. इन्हीं तमाम कारणों से प्रदेश की जनता का उत्तराखंड क्रांति दल से मोह भंग हो गया।नरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि आज यूकेडी को धरातल पर काम करने की जरूरत है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी दल ने कोई ध्यान नहीं दिया. पंचायत चुनाव में भी दल को अपनी सक्रियता निभानी चाहिए थी. पदाधिकारियों और नेताओं की इन्हीं गलतियों की वजह से आज दल में शामिल युवाओं का संघर्ष और बढ़ गया है।यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के विचारों पर पूर्ण सहमति जताते हुए कहा कि नेगी दा राज्य आंदोलन के प्रणेता रहे हैं. उनके नेतृत्व में हम लोगों ने राज्य आंदोलन बहुत करीब से देखा है. उन्होंने सदैव लोक संस्कृति के माध्यम से राज्य आंदोलन में जागरूक करने का काम किया. यूकेडी दल के प्रति उन्होंने जो विचार रखे, यह उनकी पीड़ा थी. उन्होंने दल की कमियों को मंच से गिनाया, लेकिन उन्होंने इसके साथ यह भी कहा है कि उत्तराखंड को बचाने के लिए क्षेत्रीय दल के रूप में यूकेडी कि आज बहुत आवश्यकता है.
लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी यूकेडी के कार्यक्रम में पहुंचे, दल को ग्रास रूट पर काम करने का मशवरा दिया

