देहरादून में आम व लीची के परागकणों के संपर्क में आने से दून अस्पताल की ओपीडी मे एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी

देहरादून : आजकल देहरादून में आम और लीची के पेड़ों से झड़ रहे बौर के संपर्क में आने के बाद लोग एलर्जी, सांस की दिक्कत जैसी शिकायत को लेकर दून अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। भले ही यह एक सामान्य मौसमी समस्या है। लेकिन ऐसे मरीजों की संख्या दून अस्पताल में बढ़ रही है। ऊपर से ड्राई मौसम बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है। मौसम के शुष्क होने से ड्राइनेस बढ़ रही है, जिससे हवा के साथ धूल का कंपोनेंट बढ़ गया है, इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ आर एस बिष्ट का कहना है कि देहरादून लीची और आम के लिए प्रसिद्ध रहा है। इन दिनों लीची और आम के पेड़ों पर बौर आनी शुरू हो गई है। जो एलर्जी का मुख्य कारण बन रही है। इससे निकलने वाले परागकणों या बौर के रोंगटेदार रेशों की वजह से लोगों को खुजली, सांस लेने मे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मौसम के ड्राई होने से हवा के साथ धूल का कंपोनेंट भी बढ़ रहा है। मौसम में रात को हल्की ठंडक और दिन भर गर्मी का एहसास हो रहा है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दून अस्पताल की ओपीडी में कई गुना मरीज एलर्जी , सांस की तकलीफ के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा तापमान बदलने से अस्पताल में नाक कान गले छाती के इन्फेक्शन के मामले बढ़ गए हैं। उन्होंने परागकणों से बचने के लिए विशेषकर सवेरे मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। इसके अलावा किसी को पराग से एलर्जी की दिक्कत है,तो आम और लीची के पेड़ों के आसपास जाने से बचना चाहिए।

 

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