देहरादून : उत्तराखंड में अगस्त माह में वर्षा ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार की मानसून की बरसात ने पहाड़ी जिलों में जमकर तबाही भी मचाई। दैवीय आपदा ने पूरे प्रदेश को झझकोर कर रख दिया। इसका कारण यह भी है कि राज्य में अगस्त का महीना सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा। उत्तराखंड में अगस्त का माह सबसे अधिक अतिवृष्टि वाला महीना बन गया है। उत्तराखंड के सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अमूमन हर वर्ष अगस्त के महीने में मानसून सीजन के दौरान 310, 320 या फिर अधिक से अधिक 370 मिली मीटर तक बरसात हुआ करती थी। लेकिन इस वर्ष मानसून काल मे अगस्त 2025 में लगभग 574 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जिसके कारण आपदा और भारी तबाही हुई। उन्होंने बताया कुछ जनपदों में तो 700 से 800 मिमी तक बरसात दर्ज की गई है। इतनी अत्यधिक वर्षा होने की वजह से प्रदेश को भारी क्षति पहुंची है। विनोद कुमार सुमन के अनुसार विगत वर्षों की तुलना में इस बार लगभग 188 मिलीमीटर ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक वर्षा वाला अगस्त महीना दर्ज किया गया है। मानसून काल के दौरान अगस्त के महीने में अत्यधिक बरसात होने से प्रदेश को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उस नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए भारत सरकार से राज्य सरकार को 12 सौ करोड़ के आपदा राहत पैकेज की सहायता मिली है, केंद्र सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि आपदा राहत में यदि और धनराशि की जरूरत पड़ेगी तो उत्तराखंड को और अधिक धनराशि आवंटित की जाएगी।
उत्तराखंड में अगस्त महीने में हुई बारिश ने तोड़े 15 साल के रिकॉर्ड,574 एमएम बारिश होने के चलते पहाड़ी जिलों में आया था आपदा का सैलाब

