देहरादून : दून मेडिकल कॉलेज में रविवार को सर्जरी विभाग की ओर से पीजी चिकित्सकों के लिए आंतों को जोड़ने यानी इंटेस्टाइनल एनास्टोमोसिस की अत्याधुनिक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. डॉ. गीता जैन के प्रयासों से आयोजित की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार ने शनिवार को बताया कि कार्यशाला में पीजी चिकित्सकों को एनिमल मॉडल पर आंतों को जोड़ने की सर्जिकल प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी का सहयोग लिया गया है, जो कार्यशाला के लिए आवश्यक सभी उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की यह पहली कार्यशाला होने जा रही है। आंतों को जोड़ने की तकनीक एक जटिल सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें शल्य चिकित्सकों की उच्च दक्षता आवश्यक होती है। हाल ही में दून अस्पताल में इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर शुरू होने के बाद ऐसे ऑपरेशनों की संख्या में काफी बढोत्तरी हुई है।
इस कार्यशाला से चिकित्सकों की सर्जिकल दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। कार्यक्रम के दौरान इंटर्न एवं एमबीबीएस कोर्स कर रहे छात्रों के लिए भी नॉटिंग-स्यूचरिंग प्रतियोगिता तथा क्विज का भी आयोजन किया गया है।

