देहरादून: शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए के लिए जिला प्रशासन ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। देहरादून के डीएम सविन बंसल ने देहरादून, ऋषिकेश, और डोईवाला शहरों में जल भराव समस्या के समाधान के लिए 30 लाख लागत के 17-हाई प्रेशर डी-वाटरिंग पंप लिए है। सोमवार को उन्होंने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से इन सभी डी-वाटरिंग पंपों को संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया है। जिलाधिकारी ने एजेंसियों को कहा कि शहरी इलाकों में चिन्हित संवेदनशील चौक, चौराहे और जंक्शनों पर शीघ्र डी-वाटरिंग पंप स्थापित किए जाए, और बरसात में जलभराव होने पर कम से कम रिस्पांस टाइम में जल निकासी सुनिश्चित की जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम ऋषिकेश को 4, डोईवाला को 2, ऋषिकेश को 1, देहरादून में आपदा प्रबंधन, नगर निगम, जल निगम, जल संस्थान, स्मार्ट सिटी, सिंचाई एवं क्यूआरटी को 10 डीवाटरिंग एवं मड पंप सहवर्ती उपकरणों के साथ वितरित किए। जिले में पहली बार डीवाटरिंग पोर्टेबल पम्पस की खेप राजधानी के जलभराव क्षेत्रों में तैनात कर दी गई है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि में शहरी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और आम जनमानस को आवागमन में खासी परेशानियों का सामना करना पडता था। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जल निगम, जल संस्थान, स्मार्ट सिटी, नगर निगम एवं संबंधित एजेंसियों के पास मैनपावर एवं संसाधनों की कमी के कारण त्वरित रिस्पांस में समस्या आ रही थी। इसको देखते हुए डीएम एक्ट में निहित शक्तियों के तहत जनहित में हाई प्रेशर डीवाटरिंग पंप लेने का निर्णय लिया गया। जिन्हें शहर के संवेदनशील चौक, चौराहे, जंक्शन एवं तिराहों पर स्थापित किया जा रहा है। डीएम सविन बंसल ने बताया कि जल भराव समस्या से निपटने के लिए जिले में क्यूआरटी गठित है। सीएम पुष्कर धामी के निर्देशों पर क्यूआरटी द्वारा जलभराव क्षेत्रों का नियमित जायजा लिया जा रहा है। जहां पर भी जलभराव की शिकायत और समस्या मिलती है, वहां पर क्यूआरटी अपने संसाधनों के साथ मौके पर तुरंत रिस्पांस करती है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 17 हाई प्रेशर डीवाटरिंग पंप लिए गए है, जिन्हें आज संबंधित एजेंसियों के हैंडओवर किया गया है। क्यूआरटी के पास डी-वाटरिंग पंप होने के बाद क्यूआरटी का रिस्पांस टाइम न्यून हो जाएगा और आमजन मानस को जलभराव की समस्या से त्वरित छुटकारा मिलेगा। उन्होंने सड़क मार्गाे के क्रोनिक भूस्खलन वाले क्षेत्रों में तैनात मानव एवं मशीनरी की तर्ज पर जल भराव वाले स्थलों पर भी मैनपावर व मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए है। जिससे रिस्पांस टाइम कम करते हुए समस्या का तुरंत समाधान हो सके। जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए डीएम के निर्देशों पर नगर निगम को 12 भागों में विभाजित कर तीन क्यूआरटी बनाई गई है। जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी और एसडीएम कुमकुम जोशी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने क्यूआरटी के सभी नोडल अधिकारियों को मानसून के दौरान अलर्ट रहने और जल निकासी में व्यवधान व चोकिंग पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
राजधानी वासियों को जल भराव की समस्या से मिलेगी राहत, जिला प्रशासन ने 17 हाई प्रेशर डी- वाटरिंग पंप एजेंसियों को कराये उपलब्ध

