देहरादून : आजकल उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों के बस्तियों में आने की खबरें लगातार आ रही है । जिसके बदरीनाथ विधानसभा से विधायक लखपत बुटोला ने सरकार से पर्वतीय अंचल में रहने वाले लोगों को जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि जिस तरह पिछले कुछ सालों मे उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ा है, वह चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में लगातार सूअर, बंदरों ,भालूओं, गुलदारो की मौजूदगी से ग्रामवासियों में भय का वातावरण व्याप्त है। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों का आतंक चरम पर है, जिससे मानव वन्य जीव संघर्ष बढ़ रहे हैं। लखपत बुटोला ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के जंगलों के ओवरलोड होने से जानवरों का इंसानी बस्तियों में आना और फसलों को नुकसान पहुंचाना जारी है। उन्होंने इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार व उत्तराखंड की धामी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बंदरों ,सुअरों आदि जंगली जीवों को पकड़कर उत्तराखंड के पहाड़ों में छोड़ रही है। जिसके परिणाम स्वरुप जंगली जानवर खुलेआम पहाड़ों की इंसानी बस्तियों में विचरण कर रहे हैं, और आम इंसानों से भी खौफ नहीं खा रहे हैं। इनमें से अधिकतर जंगली जानवर वही हैं, जो पहले मैदानी क्षेत्रों में रहा करते थे। आज स्थानीय नागरिक इतने भयभीत हैं कि वह अपने घरों से निकलने में भी कतरा रहे हैं। जंगली जानवरों के डर और फसलों के नुकसान के कारण कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। बदरीनाथ विधायक ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार से आग्रह किया है कि मैदानी क्षेत्रों के जंगली जानवरों को उत्तराखंड से दूर रखा जाए, ताकि यह जानवर पर्वतीय शेत्रों की इंसानी बस्तियों तक नहीं आ पाएं
बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र से विधायक लखपत बुटोला ने सरकार से पर्वतीय अंचलों में रहने वाले लोगों को जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग उठाई है

