देहरादून : राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की ओर से वर्ष 2025 के लिए किए गए मूल्यांकन एवं समग्र प्रदर्शन के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून को पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
जिला देहरादून के प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने इस सम्मान को प्रभावी कार्यशैली, व्यापक जनसहभागिता, समयबद्ध सेवाओं, तथा न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुँगराकोटी ने बताया कि प्राधिकरण ने सभी जिलों के साल भर में किए गए कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया , जिसमें देहरादून का प्रदर्शन सर्वोत्तम पाया गया। यह सम्मान जिला देहरादून के लिए गर्व की बात है, जिसका श्रेय जिला जज के कुशल नेतृत्व तथा DLSA देहरादून की समर्पित टीम की निरंतर मेहनत को जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रमुख उपलब्धियाँ यह रही
• पूरे जिले में लगभग 3,000 जागरूकता शिविरों का आयोजन
→ दो लाख से अधिक नागरिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित।
• वर्ष भर में लगभग 1,500 जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान।
• राष्ट्रीय लोक अदालतों में देहरादून जिले का प्रदर्शन प्रदेश में उत्कृष्ट।
• नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित, जिनके माध्यम से
गरीब एवं असहाय रोगियों को रक्त कूपनों से सहायता प्रदान की गई।
• वृद्धाश्रम, कुष्ठ आश्रम तथा अनाथालय आदि का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
• जेल निरीक्षण के दौरान बंदियों को निरंतर नि:शुल्क विधिक सहायता व अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।
राज्य स्तर पर DLSA देहरादून को मिला प्रथम स्थान न केवल इस संस्था की उपलब्धि है, बल्कि यह देहरादून जिले की संपूर्ण न्यायिक व्यवस्था, प्रशासनिक सहयोग, सामुदायिक भागीदारी और टीम के निरंतर प्रयासों की उपलब्धि है।यह सम्मान भविष्य में और अधिक निष्ठा, सेवा भावना तथा संवेदनशीलता के साथ जनहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
बता दें कि 26 नवंबर2025 को संविधान दिवस के अवसर पर उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड में आयोजित समारोह में माननीय मुख्य न्यायाधीश, उत्तराखण्ड गुहानाथन नरेन्दर ने देहरादून DLSA को “बेस्ट DLSA ऑफ द स्टेट” ट्रॉफी प्रदान करके सम्मानित किया गया है।

