दून पुस्तक महोत्सव में शामिल हुए एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला, अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव छात्र छात्राओं के समक्ष साझा किये

देहरादून : राजधानी  देहरादून के परेड ग्राउंड में दून पुस्तक महोत्सव 2026  लिटरेचर फेस्ट का आयोजन किया जा रहा है, इसी कड़ी में बुधवार को एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इवेंट में पहुंचे और उन्होंने इस दौरान अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए शुभांशु शुक्ला ने देहरादून में बिताये अपने समय के बारे मे अनुभव बांटे।

शुभांशु ने स्कूली छात्र-छात्राओं के शॉर्ट फिल्म के माध्यम से एक्सिओम 4 मिशन का अनुभव साझा किया। उन्होंने 5 साल के लंबे प्रशिक्षण, धरती से अंतरिक्ष की यात्रा, वहां बिताये गए समय और पुनः धरती पर वापस आने के अनुभवों को फिल्म के माध्यम से साझा किया। अंतरिक्ष में 20 दिन की यात्रा के दौरान दैनिक जीवन में आये बदलावों, स्पेश स्टेशन में चहलकदमी, विशेष तरीके के खान-पान और कार्यानुभव के बारे में वीडियो, फोटो शेयर करते हुए खुलकर बात की।

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उन्होंने कहा कि यह यात्रा मानसिक और शारीरिक तौर पर भले ही चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन देश की आकांक्षाओं और आशाओं पर खरा उतरना मेरे लिए गौरव की बात है।

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री स्वार्डन लीडर राकेेश शर्मा को याद करते हुए कहा कि पूरी यात्रा के दौरान मैंने उन्हें याद किया।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष के रहस्यों के अध्ययन में भारत आज अग्रणी देशांे में शामिल है। पूरा विश्वास है कि बहुत जल्द भारत अपने मानव मिशन और मून मिशन को सफलता पूर्वक पूरा करेगा।
उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम सबके सामने संभावनाओं का समुद्र है। हो सकता है इसरो के अगले मानव मिशन में जाने वाला अंतरिक्ष यात्री देहरादून से ही हो, इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी अंतरिक्ष यात्री बनने के बारे में नहीं सोचा था। जीवन में जो भूमिका मिलती गयी उसे पूरे समर्पण और मेहनत से निभाने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों को सीख दी कि भविष्य के डर के बारे में ना सोचते हुए हमें वर्तमान पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

जब विद्यार्थियों ने उनसे जीवन में अपने लक्ष्यों को पाने के लिए सुझाव मांगे तो उन्होंने कहा कि जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करो और इसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटकर चरणबद्ध तरीके से हासिल करो।

उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्रओं से कहा कि मेरी आप लोगों से अपेक्षा है कि आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में जायें, अपने देश को और अधिक बेहतर बनाने के लिए काम करें।

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दून बुक फेस्टिवल के लिटरेचर फेस्ट में शुभांशु शुक्ला बच्चों के साथ एक शिक्षक की भूमिका में दिखे और बच्चे भी अंतरिक्ष सफर की इस क्लास में पूरी तन्मयता और एकाग्रचित्त होकर सीखते रहे।
शुभांशु शुक्ला के लिए बच्चों में उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों के प्यार को देखते हुए कार्यक्रम के बाद शुभांशु ने बच्चों के साथ तस्वीरें लीं।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा सांसद श्री त्रिवेन्द्र रावत ने शुभांशु शुक्ला का स्वागत और सम्मान किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शुभांशु शुक्ला ने देश के प्रत्येक नागरिक को गौरव का क्षण दिया है। उन्होंने कहा कि देहरादून के छात्र-छात्राएं आज इस कार्यक्रम से बहुत सारे सपने और शुभांशु शुक्ला की तरह देश के लिए कुछ करने का संकल्प लेकर वापस जायेंगे।

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