देहरादून : देहरादून के कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में रविवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की उपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश जिन स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत आज़ाद है, उसी देश में उनकी विचारधारा और मूल्यों को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है, लेकिन दुर्भाग्य है कि वर्तमान सरकार शहीदों के सपनों के भारत को कमजोर करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलती आई है, जबकि आज सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और देश की मूल भावना को आघात पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बताए मार्ग पर चलते हुए अन्याय, अत्याचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाएं तथा देश और प्रदेश को सही दिशा देने के लिए संघर्ष तेज करें। बैठक में संगठन को मजबूत करने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के सम्मान की रक्षा करने और उनके अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर प्रकोष्ठ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। प्रकोष्ठ के महामंत्री अवधेश पन्त ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया कि 2027 में होने वाले चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को प्रमुख स्थान देते हुए उनकी जायज मांगों को पूर्ण करने का भरोसा दिलाएं।
प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने गोदियाल को चरखा एवं गंगा मां की चुनरी ओढा कर स्वागत किया गया सभा में विशेष रूप से राज्य आंदोलनकारी और रक्तदान के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले मोहन खत्री, कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा महर दसौनी,विधायक एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य लखपत सिंह बुटोला,उत्तराखंड के जनकवि अतुल शर्मा ,संरक्षक गोवर्धन प्रसाद शर्मा को गंगा मां की चुनरी उड़ा कर विशेष सम्मान प्रदान किया ।

