देहरादून : आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि राहुल गांधी उत्तराखंडमेंर पौड़ी या फिर लैंसडाउन क्षेत्र में अग्नि वीर को लेकर सैनिक परिवारों के बीच पहुंचकर सभा करके केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भर सकते हैं।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे को लेकर लगातार शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता चल रही है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि उनकी सभा कहां पर होगी, लेकिन उनके उत्तराखंड में दो दिवसीय दौरे को लेकर आला कमान के साथ हमारी बातचीत निरंतर जारी है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा फिर से उत्तराखंड के दौरे पर आ रही हैं। कुमारी सैलजा का दौरा जून के पहले सप्ताह में तय हो रखा है। इस बीच हमें राहुल गांधी के कार्यालय से यह भी पता चला है कि वो भी उत्तराखंड आने के इच्छुक हैं। जिसको लेकर उत्तराखंड के प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बातचीत लगातार शीर्ष नेतृत्व के साथ चल रही है। गोदियाल का कहना है कि निश्चित रूप से राहुल गांधी पार्टी के शीर्ष नेता हैं,अब तो पूरा विश्व इस बात को मानने लगा है कि उनकी कही गई एक-एक बात अब तक सत्य साबित हुई है। उनके उत्तराखंड आने से यहां के कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा, इसलिए हम सब उनके उत्तराखंड आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने राहुल गांधी के दौरे के बारे में बताया कि कि हमने शीर्ष नेतृत्व को यह बताया है कि पौड़ी गढ़वाल मंडल का मुख्यालय रहा है, इसलिए वो पौड़ी या फिर लैंसडाउन सभा करने आ सकते हैं। उनका एक भ्रमण कार्यक्रम कुमाऊं में भी प्रस्तावित है, हालांकि इसकी तिथि अभी तक फाइनल नहीं हुई है। बहुत जल्द राहुल गांधी कुमाऊं और गढ़वाल के एक-एक दिन के दौरे पर उत्तराखंड आ सकते हैं।हरक सिंह रावत ने बताया कि राहुल गांधी उत्तराखंड आकर भूतपूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों के बीच पहुंचकर सभा कर सकते हैं।
जिस तरह अग्नि वीर योजना, वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा और तमाम वह दिक्कतें जिस पर केंद्र सरकार ने मौन साध रखा है, उनको उजागर करने के लिए जनता के बीच वो अपनी बातों को रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर उत्तराखंड दौरे पर आते हैं तो इससे कांग्रेस संगठन के आम कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा, और केंद्र की जो खराब नीतियां हैं ,उनको बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस का हर कार्यकर्ता ऊंचे मनोबल से और अधिक मेहनत से जुटेगा।

