वन महकमे ने हरिद्वार और ऋषिकेश में स्थित लीसा इकाइयों का औचक निरीक्षण किया, बड़ी कार्रवाई करते हुए रजिस्टर्ड लीसा डिपो को सीज किया गया

देहरादून : वन उपज के अवैध भण्डारण और व्यापार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए देहरादून वन प्रभाग एवं हरिद्वार वन प्रभाग की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग रजिस्टर्ड लीसा इकाईयों पर सघन निरीक्षण करते हुए तलाशी अभियान चलाया।

पहली टीम में शामिल 22 सदस्यीय संयुक्त दल ने भगवानपुर, जिला हरिद्वार स्थित एक रजिस्टर्ड लीसा डिपो का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में कोई स्वामी या अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला। परिसर में रखे ड्रमों में विरोजा एवं तारपीन तेल पाया गया, किन्तु स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख, परिवहन प्रपत्र और अन्य जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिस कारण अभिलेखों के अभाव में सामग्री का सत्यापन नहीं हो पाया. जिसके बाद वन विभाग ने अगले आदेशों तक विधिवत सीज कर अग्रिम जांच शुरू कर दी है।  इकाई स्वामी को अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

दूसरी संयुक्त टीम ने रुड़की के जय भारत रोज़िन एण्ड केमिकल्स प्रोडक्ट्स, लालतप्पड़, ऋषिकेश स्थित लीसा प्रतिष्ठान का निरीक्षण करते हुए तलाशी अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध वन उपज एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया जिसमे किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।

प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज शर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार स्वपनिल अनिरुद्ध ने साफ किया है कि वन उपज के भण्डारण, परिवहन व व्यापार से जुड़े हर प्रतिष्ठान को नियमानुसार अभिलेख संधारित करना और निरीक्षण के समय प्रस्तुत करना जरूरी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या फिर अवैध भण्डारण ,नियमों की अनदेखी करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगामी दिनों में भी संयुक्त निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रखने का फैसला किया है, ताकि वन उपज के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और वैध व्यापार व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *