जिलाधिकारी के जनता दर्शन कार्यक्रम में जुटी लोगो की भीड़, अधिकतर मामले अवैध कब्जों, बिजली, पेयजल, भूमि विवाद से संबंधित रहे

देहरादून  : जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई की । इनमें से अधिकतर मामले भूमि विवाद,अवैध कब्जों, भूमि मुआवजा, बिजली और पानी के बिलों से संबंधित रहे।

ऐसी लगभग तीन सौ शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

जनसुनवाई में उनके सामने कई मार्मिक मामले सामने आए।जिसमे   प्रेमनगर,शिवपुरी निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि उनके बेटे और बहू ने उन्हें घर से निकाल दिया है और लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ नागरिक कमल नयन भुटानी ने भाइयों द्वारा संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) को जांच के निर्देश दिए गए।

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इसी तरह सभांवाला निवासी शिवानी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मशीन खरीद को लेकर लिये गये गए ऋण  व सब्सिडी न मिलने की समस्या और आर्थिक तंगी व व्यवसाय में घाटे के कारण लोन की अदायगी चुकाने में अपनी असमर्थता बताई, और अपनी दिक्कत को डीएम के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर महिला को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

राशन कार्ड से जुड़ा एक ऐसा मामला भी जन दर्शन में पहुंचा।जहां डाइवोर्सी महिला ममता रानी ने बताया कि भूमि के दस्तावेज और बिजली बिल नहीं होने के कारण उनका राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को दो दिन के भीतर आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।

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उसी तरह जनता दर्शन कार्यक्रम में डालनवाला क्षेत्र के पांच अभिभावकों ने एक पब्लिक स्कूल पर बच्चों को प्रताड़ित करने, पुरानी फीस एकमुश्त वसूलने तथा टीसी जारी न करने का आरोप लगाया। डीएम सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई किए जाने को कहा है।

जिलाधिकारी के समक्ष ऐसे मामले सबसे ज्यादा आए, जिसमे पति के निधन के बाद ई रिक्शा के ऋण को चुकाने में असमर्थता, बच्चों की पढ़ाई, स्कुल की फीस चुकाने में  असमर्थता  ,फीस माफी, अवैध कब्जो, बिजली पानी से संबंधित थी। जिलाधिकारी के निर्देशों पर संबंधित अधिकारियों ने अधिकतर शिकायतों का निस्तारण कर दिया।

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