देहरादून : वन विभाग की टीमों ने शनिवार को देहरादून प्रभाग की मालसी रेंज के अंतर्गत कांवली क्षेत्र में अवैध रूप से संरक्षित वन्यजीवों के रखरखाव और व्यापार की सूचना प्राप्त होने पर विशेष अभियान चलाया।
मुखबिर की सूचना के आधार पर वन विभाग की टीमों ने देहरादून के कांवली क्षेत्र के विभिन्न आवासीय परिसरों, पेट शॉप्स में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान तलाशी में बड़ी संख्या में शेड्यूल 2 के अंतर्गत संरक्षित प्रजातियों के तोते, जिनमें मुख्य रूप से रोज़ रिंग्ड पैराकीट, अलेक्जेंड्रियन पैराकीट और प्लम हेडेड पैराकीट जैसी प्रजातियां शामिल है, वन विभाग में त्वरित कार्रवाई करते हुए बरामद किये तोतों की जानकारी एक एनजीओ को दी।
वन महकमे से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान दो पुरुष और दो महिलाओं को अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों के कब्जे और व्यापार में संलिप्त पाये जाने पर गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है।
देहरादून के प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सूचीबद्ध शेड्यूल II प्रजातियों का शिकार, उन्हें पकड़ना या फिर रखना, या फिर उनकी खरीद फरोख्त करने के साथ ही परिवहन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर दंडनीय अपराध है, इस मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वन्य जीव या पक्षियों को पालतू बना कर नहीं रखें, अगर इस प्रकार की कोई अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दें। वन विभाग की तरफ से वन्य जीव अपराधों के खिलाफ सख्त निगरानी और निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।

